माँ बेटे की कहानी | Motivational Story in Hindi
(माँ बेटे की कहानी Motivational Story in Hindi) माँ बेटे की कहानी - Motivational Story in Hindi चलो न माँ और कितनी देर लगाओगी। बस बस आ गई। यह क्या माँ यह सब क्या है, मैंने बोला था न वहां सब कुछ मिलेगा फिर भी तुम नहीं मानी। अरे बेटा इसे ढोना थोड़ी है गाड़ी जब साथ जा रही है तो यह भी साथ ही चला जायेगा। तुम भी न माँ तुमसे कुछ भी कहना का कोई फायदा नहीं है। माँ के हाथों से खाने का टिफिन अपने हाथ में लेते समय माँ के हाथों का स्पर्श प्रमोद को कुछ ठीक नहीं लगता है। वह माँ से कहता है, "अरे माँ जाकर हाथ धो लो तुम्हारे हाथों म शायद कुछ लगा है।" माँ ने कहा, "नहीं नहीं बेटा यह तो असेही है।" थोड़ी ही देर में वे शिमला की सैर में निकल पड़ते हैं। आज बहुत दिनों बाद प्रमोद को ऑफिस से तीन दिन की छुट्टी मिली है जिसका लुप्त उठाने वह अपने दो छोटे भाई-बहन और माँ के साथ शिमला जा रहा है। यह उनका पहला मौका है जो वह अपने शहर से इतने दूर आए हैं। शिमला की वादियां वाकई बहुत खूबसूरत है। उन्हें यहाँ बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। चारों तरफ बर्फ गिरी है शिमला की बात ही कुछ और है। चारों तरफ सफ़ेद च...